आज का पंचांग - आज 13 अप्रेल 2024 , शनिवार ।। वैदिक पंचांग ।। हिन्दू पंचांग कैलेंडर 2024
आज का पंचांग - आज 13 अप्रेल 2024 , शनिवार ।। वैदिक पंचांग ।। हिन्दू पंचांग कैलेंडर 2024
https://vedicsanskrti.blogspot.com/?m=1
#Vedicsanskrti #वैदिकसंस्कृति #Aajkapanchang #aajkahindupanchang
🚩श्री गणेशाय नम:🚩
📜आज का वैदिक पंचांग 📜
💢 13 - Apr - 2024
💢 Balasore, India
⚛️ पंचांग
⚛️ तिथि पंचमी 12:06 PM
⚛️ नक्षत्र मृगशिरा +00:49 AM
⚛️ करण :
बालव 12:06 PM
कौलव 12:06 PM
⚛️ पक्ष शुक्ल
⚛️ योग शोभन +00:33 AM
⚛️ वार शनिवार
⚛️ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
⚛️ सूर्योदय 05:24 AM
⚛️ चन्द्रोदय 08:50 AM
⚛️ चन्द्र राशि वृषभ
⚛️ सूर्यास्त 06:01 PM
⚛️ चन्द्रास्त 11:00 PM
⚛️ ऋतु वसंत
⚛️ हिन्दू मास एवं वर्ष
⚛️ शक सम्वत 1946 क्रोधी
⚛️ कलि सम्वत 5125
⚛️ दिन काल 12:36 PM
⚛️ विक्रम सम्वत 2081
⚛️ मास अमांत चैत्र
⚛️ मास पूर्णिमांत चैत्र
⚛️ अभिजित 11:17:39 - 12:08:06
⚛️ राहु काल 08:33 AM - 10:08 AM
⚛️ दिशा शूल पूर्व
∆ व्रत / पर्व विवरण :- मेष संक्रांति, स्कंद षष्ठी, वैशाखी
विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🔹चैत्र नवरात्रि (9 अप्रैल से 17 अप्रैल 2024)🔹
🌹 धर्म शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि की पंचमी तिथि को स्कंदमाता की पूजा की जाती है । स्कंदमाता भक्तों को सुख-शांति प्रदान करनेा वाली हैं । देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कन्द की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप को स्कन्दमाता के नाम से जानते हैं ।
पंचमी तिथि यानी नवरात्रि के पांचवे दिन माता दुर्गा को केले का भोग लगाएं व गरीबों को केले का दान करें । इससे आपके परिवार में सुख-शांति रहेगी ।
👉 यह भी जानें -
🌹 आर्थिक परेशानी हो तो... 🌹
🌹 स्कंद पुराण में लिखा है चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी (13 अप्रैल 2024 , शनिवार) को लक्ष्मी माता के 12 मंत्र बोलकर, शांत बैठकर मानसिक पूजा करे और उनको नमन करें तो उसको भगवती लक्ष्मी प्राप्त होती है, घर में लक्ष्मी स्थायी हो जाती हैं । उसके घर से आर्थिक समस्याएँ धीरे धीरे किनारा करती हैं । बारह मंत्र इस प्रकार हैं –
🌹ॐ ऐश्वर्यै नम:
🌹ॐ कमलायै नम:
🌹ॐ लक्ष्मयै नम:
🌹ॐ चलायै नम:
🌹ॐ भुत्यै नम:
🌹ॐ हरिप्रियायै नम:
🌹ॐ पद्मायै नम:
🌹ॐ पद्माल्यायै नम:
🌹ॐ संपत्यै नम:
🌹ॐ ऊच्चयै नम:
🌹ॐ श्रीयै नम:
🌹ॐ पद्मधारिन्यै नम:
सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्ति प्रदायिनि । मंत्रपूर्ते सदा देवि महालक्ष्मी नमोस्तुते
द्वादश एतानि नामानि लक्ष्मी संपूज्यय पठेत । स्थिरा लक्ष्मीर्भवेतस्य पुत्रदाराबिभिस:
उसके घर में लक्ष्मी स्थिर हो जाती है । जो इन बारह नामों को इन दिनों में पठन करें ।
https://vedicsanskrti.blogspot.com/?m=1
#Vedicsanskrti #वैदिकसंस्कृति #Aajkapanchang #aajkahindupanchang
लेबल: पंचांग

0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]
<< मुख्यपृष्ठ