बुधवार, 24 जुलाई 2024

आज का पंचांग - आज 24 जुलाई 2024 , बुधवार ।। वैदिक पंचांग ।। हिन्दू पंचांग कैलेंडर 2024

🚩श्री गणेशाय नम:🚩 

📜आज का वैदिक पंचांग 📜

💢 24 - Jul - 2024

💢 Balasore, India



☀ पंचांग    
🔅 तिथि :
            तृतीया  07:32 AM
            चतुर्थी  07:32 AM
🔅 नक्षत्र  शतभिषा  06:15 PM
🔅 करण :
           विष्टि  07:32 AM
           बव  07:32 AM
🔅 पक्ष  कृष्ण  
🔅 योग  सौभाग्य  11:09 AM
🔅 वार  बुधवार  
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    
🔅 सूर्योदय  05:12 AM  
🔅 चन्द्रोदय  08:53 PM  
🔅 चन्द्र राशि  कुम्भ  
🔅 सूर्यास्त  06:24 PM  
🔅 चन्द्रास्त  07:57 AM  
🔅 ऋतु  वर्षा  
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    
🔅 शक सम्वत  1946  क्रोधी
🔅 कलि सम्वत  5126  
🔅 दिन काल  01:12 PM  
🔅 विक्रम सम्वत  2081  
🔅 मास अमांत  आषाढ  
🔅 मास पूर्णिमांत  श्रावण  
☀ शुभ और अशुभ समय    
☀ शुभ समय    
🔅 अभिजित  कोई नहीं
☀ अशुभ समय    
🔅 दुष्टमुहूर्त  11:22 AM - 12:15 PM
🔅 कंटक  04:39 PM - 05:32 PM
🔅 यमघण्ट  07:50 AM - 08:43 AM
🔅 राहु काल  11:48 AM - 01:27 PM
🔅 कुलिक  11:22 AM - 12:15 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  06:05 AM - 06:57 AM
🔅 यमगण्ड  06:51 AM - 08:30 AM
🔅 गुलिक काल  10:09 AM - 11:48 AM
🔅 दिशा शूल  उत्तर  


∆ व्रत / पर्व विवरण :- गजानन संकष्टी चतुर्थी

⛅विशेष - तृतीया को परवल खाना शत्रु वृद्धि करता है व चतुर्थी को मूली खाने से धन-नाश होता है।


🌹 चतुर्मास में लेने जैसे नियम 🌹

🌹 बीता हुआ समय लौटकर नहीं आता, ऐसा विवेक दृढ कर जीवन के एक-एक क्षण को आत्मोपलब्धि में, भगवत्प्राप्ति में तथा मुक्ति के साधनों में लगाओ । - पूज्य बापूजी

🌹अपने मिले हुए गुरुसेवारूपी कर्तव्य का तत्परता से पालन करूँगा ।

🌹 रोज गुरुदेव की मानस-पूजा करूँगा ।

🌹 रोज प्रातः व शाम की संध्या का सत्संग नियमित रूप से सुनूँगा ।

🌹 ॐकार का गुंजन करते हुए गुरुदेव के श्रीचित्र पर १०-१५ मिनट रोज त्राटक करूँगा ।

🌹 दिनभर में श्वासोच्छ्वास की 1 से ३ माला रोज करूँगा (अजपाजप)।

🌹 नियमितरूप से कम-से-कम १५ मिनट से आधा घंटा ध्यान करूँगा ।

🌹 रोज गुरुमंत्र की ५४ या १०८ माला अधवा ॐकार की १२० माला करूँगा ।

🌹 प्रतिदिन श्री योगवासिष्ठ महारामायण पढूंगा अथवा मंडप में चलनेवाले श्री योगवासिष्ठ पाठ का ध्यानपूर्वक श्रवण करूँगा ।

🌹 अशुद्ध व नीच विचारों से बचकर शुद्ध चिंतन, परमात्म-चिंतन करूँगा । (चिंतन बिगड़ा तो साधना बिगड़ेगी)

🌹 भगवत्भक्ति से दूर ले जायें ऐसे चलचित्र, नाटिका, धारावाहिक आदि नहीं देखूँगा ,ऐसा कोई संगीत, धुन या आवाज नहीं सुनूँगा और ऐसा साहित्य या नॉवेल, पत्रिका, अखबार आदि नहीं पढूँगा ।

🌹 पूरे चतुर्मास में सद्ग्रन्थों के कम-से-कम ३ पृष्ठ रोज ध्यानपूर्वक पढूँगा अथवा श्रवण करूँगा और उसमें दिये गये ब्रह्मचर्य के नियमों का दृढ़ता से पालन करूँगा ।

🌹 किसीकी भी निंदा नहीं करूँगा और न ही निंदा सुनूँगा  । (पर निंदा सम अघ न गरीसा ।)

🌹 राग व द्वेष का त्याग करूँगा । प्रतिदिन त्रिबंधयुक्त प्राणायाम करूँगा ।

🌹 मौनपूर्वक भोजन प्रसाद ग्रहण करूँगा ।

🌹 एन्ड्रोइड मोबाइल (इंटरनेटवाले) का इस्तेमाल सेवा व आवश्यक कार्य हेतु ही करूँगा ।

🌹 रोज 2 घंटे मौन रखूँगा तथा व्यर्थ की बातचीत से परहेज करूँगा और दिन में सोना त्याग दूँगा ।

🌹 ब्राह्ममुहूत में ही उठूँगा या सिर्फ ६ घंटे की नींद लूँगा ।

🌹कम-से-कम कोई एक अपनी प्रिय खाद्य वस्तु पूरे चतुर्मास में न खाने का व्रत ।

🔹ध्यान दें : उपरोक्त नियमों में से जिनको जो नियम अनुकूल लगें (१ या अधिक) उन्हें लिखकर अपनी नियम की पुस्तक 'गुरुगीता' में रख लें एवं प्रतिदिन सुबह एक बार देख ले जिससे अपना संकल्प याद रहे ।

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सोमवार, 15 अप्रैल 2024

आज का पंचांग - आज 15 अप्रेल 2024 , सोमवार ।। वैदिक पंचांग ।। हिन्दू पंचांग कैलेंडर 2024

आज का पंचांग - आज 15 अप्रेल 2024 , सोमवार ।। वैदिक पंचांग ।। हिन्दू पंचांग कैलेंडर 2024

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🚩श्री गणेशाय नम:🚩 
📜आज का वैदिक पंचांग 📜

💢 15 - Apr - 2024
💢 Balasore, India

⚛️ पंचांग    
⚛️ तिथि  सप्तमी  12:14 PM
⚛️ नक्षत्र  पुनर्वसु  +03:06 AM
⚛️ करण :
           वणिज  12:14 PM
           विष्टि  12:14 PM
⚛️ पक्ष  शुक्ल  
⚛️ योग  सुकर्मा  11:07 PM
⚛️ वार  सोमवार  

⚛️ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    
⚛️ सूर्योदय  05:22 AM  
⚛️ चन्द्रोदय  10:46 AM  
⚛️ चन्द्र राशि  मिथुन  
⚛️ सूर्यास्त  06:01 PM  
⚛️ चन्द्रास्त  +00:45 AM  
⚛️ ऋतु  वसंत  

⚛️ हिन्दू मास एवं वर्ष    
⚛️ शक सम्वत  1946  क्रोधी
⚛️ कलि सम्वत  5126  
⚛️ दिन काल  12:39 PM  
⚛️ विक्रम सम्वत  2081  
⚛️ मास अमांत  चैत्र  
⚛️ मास पूर्णिमांत  चैत्र  

⚛️ अभिजित  11:17:04 - 12:07:41

⚛️ राहु काल  06:57 AM - 08:32 AM

⚛️ दिशा शूल  पूर्व  

∆ व्रत / पर्व विवरण :- चैत्री नवरात्रि की सप्तमी तिथि के दिन देवी पार्वती की कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। यदि नवरात्रि में 9 दिन व्रत उपवास न रख सके तो सप्तमी अष्टमी व नवमी तिथि को उपवास अवश्य करें।

विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता। अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🔹चैत्र नवरात्रि (9 अप्रैल से 17 अप्रैल 2024)🔹

🌹 महाशक्ति मां दुर्गा का सातवां स्वरूप हैं कालरात्रि । नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है । मां कालरात्रि की आराधना के समय भक्त को अपने मन को भानु चक्र ( ललाट  अर्थात सिर के मध्य ) पर स्थित करना चाहिए । इस आराधना के फलस्वरूप भानु चक्र की शक्तियां जागृत होती हैं । मां कालरात्रि की भक्ति से हमारे मन का हर प्रकार का भय नष्ट होता है । जीवन की हर समस्या को पल भर में हल करने की शक्ति प्राप्त होती है । शत्रुओं का नाश करने वाली मां कालरात्रि अपने भक्तों को हर परिस्थिति में विजय दिलाती हैं ।

🌹 नवरात्रि  की सप्तमी तिथि यानी सातवें दिन माता दुर्गा को गुड़ का भोग लगाएं । इससे हर मनोकामना पूरी हो सकती है ।

यह भी जानें - 

🔹 सोमवार विशेष 🔹

🔸कार्यों में सफलता-प्राप्ति हेतु
 
🔸जो व्यक्ति बार-बार प्रयत्नों के बावजूद सफलता प्राप्त न कर पा रहा हो अथवा सफलता-प्राप्ति के प्रति पूर्णतया निराश हो चुका हो, उसे प्रत्येक सोमवार को पीपल वृक्ष के नीचे सायंकाल के समय एक दीपक जला के उस वृक्ष की ५ परिक्रमा करनी चाहिए । इस प्रयोग को कुछ ही दिनों तक सम्पन्न करनेवाले को उसके कार्यों में धीरे-धीरे सफलता प्राप्त होने लगती है ।
ऋषिप्रसाद – जनवरी २०२१ से

🔸सोमवार को बाल कटवाने से शिवभक्ति की हानि होती है ।

🔸सोमवार को तथा दोपहर के बाद बिल्वपत्र न तोड़ें ।

🔹बुरे व विकारी सपनों से बचाव🔹

रात्रि को सोने से पूर्व 21 बार 'ॐ अर्यमायै नमः' मंत्र का जप करने से तथा तकिये पर अपनी माँ का नाम लिखने से (स्याही-पेन से नहीं, केवल उँगली से) व्यक्ति बुरे एवं विकारी सपनों से बच जाता है ।

🔹आरती में कपूर का उपयोग क्यों ?🔹
 
🔸सनातन संस्कृति में पुरातन काल से आरती में कपूर जलाने की परम्परा है । आरती के बाद आरती के ऊपर हाथ घुमाकर अपनी आँखों पर लगाते हैं, जिससे दृष्टी -इन्द्रिय सक्रिय हो जाती है । पूज्य बापूजी के सत्संग -वचनामृत में आता है : “आरती करते हैं तो कपूर जलाते हैं । कपूर वातावरण को शुद्ध करता है, पवित्र वातावरण की आभा पैदा करता है । घर में देव-दोष है, पितृ -दोष हैं, वास्तु -दोष हैं, भूत -पिशाच का दोष है या किसीको बुरे सपने आते हैं तो कपूर की ऊर्जा उन दोषों को नष्ट कर देती है ।

🔸बोलते हैं कि संध्या होती है तो दैत्य-राक्षस हमला करते हैं इसलिए शंख , घंट बजाना चाहिए, कपूर जलाना चाहिए, आरती-पूजा करनी चाहिए अर्थात संध्या के समय और सुबह के समय वातावरण में विशिष्ट एवं विभिन्न प्रकार के जीवाणु होते हैं जो श्वासोच्छवास के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करके हमारी जीवनरक्षक जीवनरक्षक कोशिकाओं से लड़ते हैं । तो देव-असुर संग्राम होता है, देव माने सात्त्विक कण और असुर  माने तामसी कण । कपूर की सुगंधि से हानिकारक जीवाणु एवं विषाण रूपी राक्षस भाग जाते हैं ।


🔸वातावरण में जो अशुद्ध आभा है इससे तामसी अथवा निगुरे लोग जरा-जरा बात में खिन्न होते हैं, पीड़ित होते हैं लेकिन कपूर और आरती का उपयोग करनेवालों के घरों में ऐसे कीटाणुओं का, ऐसो हलकी आभा का प्रभाव नहीं टिक सकता है ।

🔸अत: घर में कभी-कभी कपूर जलाना चाहिए, गूगल का धूप करना चाहिए । कभी-कभी कपूर की १ – २ छोटी-छोटी गोली मसल के घर में छिटक देनी चाहिए ।  उसकी हवा से ऋणायान बनते हैं, जो हितकारी हैं । वर्तमान के माहौल में घर में दीया जलाना अथवा कपूर की कभी-कभी आरती कर लेना अच्छा है ।
ऋषि प्रसाद – जुलाई २०२१ से


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रविवार, 14 अप्रैल 2024

आज का पंचांग - आज 14 अप्रेल 2024 , रविवार ।। वैदिक पंचांग ।। हिन्दू पंचांग कैलेंडर 2024

आज का पंचांग - आज 14 अप्रेल 2024 , रविवार ।। वैदिक पंचांग ।। हिन्दू पंचांग कैलेंडर 2024

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🚩श्री गणेशाय नम:🚩
📜आज का वैदिक पंचांग 📜

💢 14 - Apr - 2024
💢 Balasore, India

⚛️ पंचांग   
⚛️ तिथि  षष्ठी  11:46 AM
⚛️ नक्षत्र  आर्द्रा  +01:35 AM
⚛️ करण :
           तैतिल  11:46 AM
           गर  11:46 AM
⚛️ पक्ष  शुक्ल 
⚛️ योग  अतिगंड  11:32 PM
⚛️ वार  रविवार 

⚛️ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ   
⚛️ सूर्योदय  05:23 AM 
⚛️ चन्द्रोदय  09:46 AM 
⚛️ चन्द्र राशि  मिथुन 
⚛️ सूर्यास्त  06:01 PM 
⚛️ चन्द्रास्त  11:56 PM 
⚛️ ऋतु  वसंत 

⚛️ हिन्दू मास एवं वर्ष   
⚛️ शक सम्वत  1946  क्रोधी
⚛️ कलि सम्वत  5126 
⚛️ दिन काल  12:37 PM 
⚛️ विक्रम सम्वत  2081 
⚛️ मास अमांत  चैत्र 
⚛️ मास पूर्णिमांत  चैत्र 

⚛️ शुभ और अशुभ समय   
⚛️ शुभ समय   
⚛️ अभिजित  11:17:22 - 12:07:53


⚛️ अशुभ समय   
⚛️ राहु काल  04:26 PM - 06:01 PM


⚛️ दिशा शूल   
⚛️ दिशा शूल  पश्चिम 

∆ व्रत / पर्व विवरण :- रवि योग , आडल योग , यमुना छठ ,  विडाल योग , डॉ. अम्बेडकर जयंती, रविवारी सप्तमी सुबह 11:44 से 15 अप्रैल सूर्योदय तक

विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🔹चैत्र नवरात्रि (9 अप्रैल से 17 अप्रैल 2024)🔹

🌹 नवरात्रि के षष्ठी तिथि पर आदिशक्ति दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा करने का विधान है । महर्षि कात्यायनी की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था । इसलिए वे कात्यायनी कहलाती हैं । नवरात्रि के छठे दिन इनकी पूजा और आराधना होती है। माता कात्यायनी की उपासना से आज्ञा चक्र जाग्रृति की सिद्धियां साधक को स्वयंमेव प्राप्त हो जाती हैं । वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौलिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है तथा उसके रोग, शोक, संताप, भय आदि सर्वथा विनष्ट हो जाते हैं ।
         
🌹 नवरात्र की षष्ठी तिथि यानी छठे दिन माता दुर्गा को शहद का भोग लगाएं । इससे धन लाभ होने के योग बनते हैं ।

🔹 रविवार विशेष🔹

🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)

🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)

🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)

🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।

🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।

🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।

🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।

🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।

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