आज का पंचांग - आज 14 अप्रेल 2024 , रविवार ।। वैदिक पंचांग ।। हिन्दू पंचांग कैलेंडर 2024
🚩श्री गणेशाय नम:🚩
📜आज का वैदिक पंचांग 📜
💢 14 - Apr - 2024
💢 Balasore, India
⚛️ पंचांग
⚛️ तिथि षष्ठी 11:46 AM
⚛️ नक्षत्र आर्द्रा +01:35 AM
⚛️ करण :
तैतिल 11:46 AM
गर 11:46 AM
⚛️ पक्ष शुक्ल
⚛️ योग अतिगंड 11:32 PM
⚛️ वार रविवार
⚛️ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
⚛️ सूर्योदय 05:23 AM
⚛️ चन्द्रोदय 09:46 AM
⚛️ चन्द्र राशि मिथुन
⚛️ सूर्यास्त 06:01 PM
⚛️ चन्द्रास्त 11:56 PM
⚛️ ऋतु वसंत
⚛️ हिन्दू मास एवं वर्ष
⚛️ शक सम्वत 1946 क्रोधी
⚛️ कलि सम्वत 5126
⚛️ दिन काल 12:37 PM
⚛️ विक्रम सम्वत 2081
⚛️ मास अमांत चैत्र
⚛️ मास पूर्णिमांत चैत्र
⚛️ शुभ और अशुभ समय
⚛️ शुभ समय
⚛️ अभिजित 11:17:22 - 12:07:53
⚛️ अशुभ समय
⚛️ राहु काल 04:26 PM - 06:01 PM
⚛️ दिशा शूल
⚛️ दिशा शूल पश्चिम
∆ व्रत / पर्व विवरण :- रवि योग , आडल योग , यमुना छठ , विडाल योग , डॉ. अम्बेडकर जयंती, रविवारी सप्तमी सुबह 11:44 से 15 अप्रैल सूर्योदय तक
विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🔹चैत्र नवरात्रि (9 अप्रैल से 17 अप्रैल 2024)🔹
🌹 नवरात्रि के षष्ठी तिथि पर आदिशक्ति दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा करने का विधान है । महर्षि कात्यायनी की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था । इसलिए वे कात्यायनी कहलाती हैं । नवरात्रि के छठे दिन इनकी पूजा और आराधना होती है। माता कात्यायनी की उपासना से आज्ञा चक्र जाग्रृति की सिद्धियां साधक को स्वयंमेव प्राप्त हो जाती हैं । वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौलिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है तथा उसके रोग, शोक, संताप, भय आदि सर्वथा विनष्ट हो जाते हैं ।
🌹 नवरात्र की षष्ठी तिथि यानी छठे दिन माता दुर्गा को शहद का भोग लगाएं । इससे धन लाभ होने के योग बनते हैं ।
🔹 रविवार विशेष🔹
🔹 रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
🔹 रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
🔹 रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
🔹 रविवार सूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर (बाल काटना व दाढ़ी बनवाना) कराने से धन, बुद्धि और धर्म की क्षति होती है ।
🔹 रविवार को आँवले का सेवन नहीं करना चाहिए ।
🔹 स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए । इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं ।
🔹 रविवार के दिन पीपल के पेड़ को स्पर्श करना निषेध है ।
🔹 रविवार के दिन तुलसी पत्ता तोड़ना वर्जित है ।
https://vedicsanskrti.blogspot.com/?m=1
#Vedicsanskrti #वैदिकसंस्कृति #Aajkapanchang #aajkahindupanchang
लेबल: पंचांग

0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]
<< मुख्यपृष्ठ